
आजकल इन दिनों छत्तीसगढ़ की फिजा में पुलिस के रोज नीत नीत कारनामे देखने को मिल रहे हैं जिससे प्रदेश में मोदी की गारंटी और साय के सुशासन में पुलिस विभाग के कुछ अधिकारी/कर्मचारी वाट लगाने में तूले है।
इन दिनों प्रदेश में पुलिस के द्वारा नित नए कारनामे देखने मिल रहे हैं चाहे वो बालौदा बाजार की घटना हो या फिर सूरजपुर की घटना या फिर लोहारडीह की घटना हो इन दिनों बिलासपुर में भी एक महिला ए.एस.आई को बिलासपुर एसीबी बचाने पर तुला हुआ था और बचा भी लिया प्रार्थी सोनी के द्वारा जब एसीबी को पैसे की मांग करते हुए वीडियो दिखाया गया तो बिलासपुर एसीबी के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया गया जो सरकारी टेप(रिकॉर्डर) दिया जाता है उसे प्रार्थी को दिया ही नहीं गया तब प्रार्थी द्वारा बिलासपुर पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह को वह वीडियो दिखाया जिससे श्री रजनेश सिंह के द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए ए एस आइ संतरा चौहान को लाइन अटैच कर विभागीय जांच बैठाया है, इसी प्रकार अगर पुलिस विभाग द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जाएगा तो प्रदेश की जनता में डर व्याप्त हो जाएगा तथा छत्तीसगढ़ जनता भयावह जीवन जीने को मजबूर हो जाएगी, लेकिन प्रदेश पुलिस के मुखिया को सजग रहकर अपने मातहातो को सलाह दिया जाना चाहिए लेकिन मातहात तो उनकी बात को तो जैसे सुनते ही नहीं है, प्रदेश के विभाग के मुखिया अपने बढे हुए कार्यकाल का सिर्फ आनंद ले रहे हैं। उन्हें तो किसी प्रकार के पुलिसिंग से मतलब ही नहीं है पता नहीं उनके सर के ऊपर किसका हाथ है?




