त्योहारों पर रहे मिलावटखोरों से सावधान, बीमार कर सकता है आपको नकली मावा , डीएम ने दिये जांच के आदेश

बिलासपुर: त्योहारों का सीजन शुरू होने के साथ ही फिर एक बार बिलासपुर में मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले नकली मावा (खोवा) का खतरा मंडरा रहा है. हर साल की तरह इस बार भी मथुरा,आगरा व अन्य राज्यों से बंद बोरियों में नकली मावा आने की संभावना है .यह मिठाईयों की गुणवत्ता और ग्राहकों की सेहत के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है.रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड पर रोजाना बोरियों में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में खोवा पहुंच रहा है .इसे व्यापारियों द्वारा बिलासपुर समेत आसपास के अन्य जिलों में भी भेजा जा रहा है.
इस समस्या से निपटने के लिए बिलासपुर के कलेक्टर अवनीश शरण ने खाद्य एवं औषधि विभाग को तुरंत मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने कहा कि विभाग को मिठाई दुकानों और रेस्टोरेंट्स में अभियान चलाकर खाने-पीने की सामग्री के गुणवत्ता की जांच करने का आदेश दिया गया है.
कलेक्टर अवनीश शरण ने बताया कि त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने फूड सेफ्टी ऑफिसर और उनकी टीम को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अभियान चलाकर मिठाई दुकानों और रेस्टोरेंट्स से सैंपल लेकर जांच करें. रिपोर्ट आने के बाद, दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
त्योहारों के सीजन में नकली मावा के इस्तेमाल से बनने वाली मिठाइयां ग्राहकों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं. खाद्य विभाग की जांच में देरी से यह खतरा और भी बढ़ जाता है. नकली मावा के सेवन से फूड प्वाइजनिंग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है. इस मामले में प्रशासन की सख्ती और जागरूकता बेहद जरूरी है.




