एंबुलेंस नहीं पहुँची, वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद शर्मा की चली गई जान

बिलासपुर।गणेश चतुर्थी के दिन गुरुवार को शहर के वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद शर्मा की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। उन्हें सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ हुई। परिजनों व पड़ोसियों ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया, लेकिन काफी देर तक इंतज़ार करने के बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुँची। आखिरकार बिरकोना पत्रकार कॉलोनी के अन्य पत्रकारों की मदद से भारी ट्रैफिक के बीच किसी तरह उन्हें सिम्स अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रमोद शर्मा को मृत घोषित कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही को लेकर पत्रकार बिरादरी में भारी आक्रोश है। साथी पत्रकारों का कहना है कि “अगर एंबुलेंस समय पर पहुँच जाती तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।”गणेश चतुर्थी जैसे बड़े त्योहार पर जब शहर में ट्रैफिक पहले से भारी था, ऐसे में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की असफलता ने एक पत्रकार की जान ले ली।

⚫पत्रकार कॉलोनी में मातम⚫
बिरकोना पत्रकार कॉलोनी में पत्रकार साथी देर रात तक शोक में एकत्र रहे। सभी ने कहा कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे पत्रकार समाज की पीड़ा है।
⚫स्वास्थ्य विभाग पर सवाल⚫
आखिर क्यों समय पर एंबुलेंस नहीं पहुँची?
त्योहारों के दौरान आपातकालीन सेवाएँ कहाँ थीं?
आम जनता के लिए भरोसे की मानी जाने वाली 108 सेवा कितनी कारगर है?
अशोकनगर–बिरकोना पत्रकार कॉलोनी रोड का हाल है बेहाल
सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं।
आए दिन वाहन फिसलने और दुर्घटनाएँ होती रहती हैं।
बीमार मरीज को इस मार्ग से अस्पताल ले जाना बेहद मुश्किल और खतरनाक साबित होता है।
भारी ट्रैफिक में गड्ढों से जूझना, एम्बुलेंस और वाहन दोनों के लिए जानलेवा चुनौती।
स्थानीय रहवासियों ने कई बार प्रशासन से मरम्मत की मांग की, लेकिन अब तक अनदेखी।लोगों का कहना है कि “यह सड़क सुधरना जरूरी है, वरना किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।”




